• चाइनीज मांझा बेचने पर होगी जेल

    कमिश्नर के आदेश के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन

    Click here to enlarge image‘मौत का सामान’ बेचने वालों की धर-पकड़ का अभियान

    ‘कातिल’ मांङो के खिलाफ शुरू हुई दैनिक जागरण की मुहिम रंग लाने लगी है। रुहेलखंड में चाइनीज मांङो की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगने के बाद प्रशासन अब ‘मौत का सामान’ बेचने वालों को जेल भेजने की तैयारी में जुट गया है। एडीएम सिटी ने टीमें गठित कर ‘कातिल’ मांङो के सौदागरों की धर-पकड़ के आदेश जारी किए हैं।
    कई जिंदगियां निगल चुके ‘कातिल’ मांङो के खिलाफ शुरू हुई दैनिक जागरण की मुहिम मुकाम पर पहुंचने लगी है। दैनिक जागरण ने अभियान के दौरान बताया कि पड़ोसी मुल्क के ईजाद किए गए जानलेवा मांङो में धागे की जगह प्लास्टिक की डोर और प्राकृतिक मसाले की जगह लोहा और कांच के बुरादे के साथ घातक रसायनों का इस्तेमाल होता है। कमिश्नर के. रविंद्र नाइक ने इसे संज्ञान लिया और सिर्फ बरेली ही नहीं पीलीभीत, मुरादाबाद और शाहजहांपुर जिले तक में चाइनीज मांङो के इस्तेमाल पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया। कमिश्नर के आदेश के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। एडीएम सिटी आरपी सिंह ने मातहतों को चाइनीज मांझा बेचने वालों की फेरहिस्त तैयार करने में लगा दिया। इतना ही नहीं उन्होंने शहर के मांझा कारोबारियों को बुलाकर सख्त लहजे में निर्देश दिया कि यदि किसी भी दुकान पर चाइनीज मांझा बिकता पाया गया तो माल जब्त करने के साथ ही ‘मौत का सामान’ बेचने वाले कारोबारी को तत्काल जेल भेज दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने चाइनीज मांङो की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए कई टीमें गठित की हैं। यह टीमें दुकानों पर औचक छापे मारकर सुनिश्चित करेंगी कि कहीं कोई कारोबारी चोरी छिपे चाइनीज मांझा तो नहीं बेच रहा।

    दिल्ली तक गूंजा अभियान

    वाणिज्य राज्यमंत्री से भी प्रतिबंध लगाने की मांग

     मुहिम की गूंज दिल्ली दरबार में भी सुनाई दी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार ने प्रधानमंत्री, गृह, वाणिज्य और पर्यावरण मंत्री के समक्ष चायनीज मांङो से हो रहे कत्लेआम का मुद्दा उठाया। इसके बाद केंद्र सरकार चीन की ‘कातिल’ सौगात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में जुट गई है। चायनीज मांङो के खिलाफ शुरू हुई मुहिम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने चीनी मांङो से हो रहे कत्लेआम का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष उठाया। चायनीज मांङो की चपेट में आने से हुई मौत का आंकड़ा भी प्रस्तुत कर इसके आयात पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण से भी चायनीज मांङो पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि चीनी मांङो के कारण बरेली में करीब डेढ़ लाख परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। देश भर में इन कारीगरों की संख्या डेढ़ करोड़ के आसपास है। इतना ही नहीं चीन से आने वाले मांङो में प्लास्टिक का तार होने से यह सस्ता तो पड़ रहा है, लेकिन जानलेवा भी साबित हो रहा है। इस मांङो को प्रतिबंधित सामान की सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने पर्यावरण राज्य मंत्री प्रकाश जावडेकर से भी इस बाबत बात की। मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि केंद्र सरकार चायनीज मांङो के कारण असमय खत्म हो रही जिंदगियों और चौपट हो रहे कारोबार को लेकर खासी गंभीर है। चायनीज मांङो के आयात पर रोक लगाने के साथ ही इसे जल्द ही प्रतिबंधित सामान की सूची में डाला जाएगा।



    बोले संतोष, काबिले तारीफ है मुहिम 

    संतोष गंगवार ने कहा कि सामाजिक सरोकारों को मुद्दा बनाकर जागरण ने जो पहल शुरू ही है काबिले तारीफ है। इस मुहिम से न सिर्फ मासूम जिंदगियां बचाई जा सकेंगी, बल्कि हजारों परिवारों के सामने खड़े रोजी-रोटी के संकट को भी खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इंसान तो अपनी तकलीफ बयां भी कर देता है, लेकिन चायनीज मांङो का शिकार बने पशु-पक्षियों की चीत्कार अनसुनी कर दी जाती है।
     कमिश्नर के आदेश के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन
    ‘मौत का सामान’ बेचने वालों की धर-पकड़ का अभियान आज सेप्लास्टिक और नायलॉन की डोर पर लोहे के बुरादे से तैयार चाइनीज मांङो की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चोरी छिपे चाइनीज मांझा बेचने की कोशिश करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। -आरपी सिंह, एडीएम सिटी
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